मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने वर्ष 2020 में थाना कैंट पर दर्ज धारा 147, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत मामले में सभी सात आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
👉 अभियुक्तों में उज्जवल राय, नवाब अली, साहिल अली, कादिर अली, शाबिर अली और सुशील शामिल हैं।
""बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने अदालत में प्रभावी पैरवी की""
🔹 क्या था मामला?
अभियोजन के अनुसार, दुर्गेश उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 29 मार्च 2019 को शाम करीब 3 बजे क्रिकेट खेलने के दौरान जीत-हार को लेकर विवाद हुआ। विपक्षियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
इसके बाद, वह अपने एम.टी. कॉलोनी स्थित क्वार्टर चले गए, लेकिन थोड़ी देर में अभियुक्त बैट और लाठी लेकर वहां पहुंचे और दोनों भाइयों को पीटते हुए घर का सामान भी तोड़ दिया। शोर मचाने पर विपक्षी जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले।
🔹 अदालत का निर्णय
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। चश्मदीदों की स्पष्ट गवाही, चिकित्सीय साक्ष्य और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर्याप्त नहीं थे। इस आधार पर अदालत ने सभी अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
