✍️✍️ वाराणसी कचहरी में वकीलों की पोशाक पर जांच दल की सख्ती: ड्रेस कोड उल्लंघन पर जांच समिति का कड़ा रुख,अधिवक्ता पोशाक में पकड़े गए फर्जी व्यक्ति, इंटर्न छात्रों को ब्लैक टाई पहनने का निर्देश


वाराणसी।  कचहरी परिसर की गरिमा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनारस बार एसोसिएशन व सेंट्रल बार एसोसिएशन द्वारा गठित 22 सदस्यीय विशेष जांच समिति ने मंगलवार को सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान फर्जी तरीके से अधिवक्ता की पोशाक में घूम रहे कई लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास वकालत का वैध अधिकार नहीं था।

👉 जांच दल ने चार-पांच ऐसी महिला अधिवक्ताओं को चिन्हित किया जिनका अब तक बार काउंसिल में पंजीकरण नहीं हुआ है, फिर भी वे वकील की ड्रेस में वकालत करते पाई गईं। समिति ने उन्हें और उनके वरिष्ठ अधिवक्ताओं को चेतावनी देकर फिलहाल छोड़ दिया।

👉 एक अन्य मामले में एक व्यक्ति को अधिवक्ता के भेष में पाया गया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने घबराकर अपना कोट उतार फेंका और खुद को पुलिस का रिटायर्ड अधिकारी बताया। समिति ने उसे भी चेतावनी देकर कचहरी परिसर से बाहर कर दिया।

👉 समिति ने स्पष्ट किया कि बुधवार से ऐसे तथाकथित वकील भेषधारियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।

👉 इसी क्रम में विधि छात्रों के लिए भी ड्रेस कोड संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें सफेद शर्ट, काली पैंट और अनिवार्य रूप से ब्लैक टाई पहनना होगा, ताकि वे अधिवक्ताओं से भिन्न रूप में पहचाने जा सकें और कोई भ्रम की स्थिति न उत्पन्न हो।

👉 इस सघन अभियान में बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री शशांक श्रीवास्तव, दिवाकर दुबे, मंगला तिवारी समेत अन्य सदस्य सक्रिय रूप से सम्मिलित रहे। समिति ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे कचहरी परिसर में अनुशासन बनाए रखने और न्यायिक मर्यादा की रक्षा के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करें।

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