वाराणसी। विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने थाना कैंट में दर्ज एक मामले में अभियुक्तगण मो. नौशाद व सैफ कुरेशी की जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी है।
👉 अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखते हुए कहा कि अभियुक्तगण निर्दोष हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। वादी मुकदमे ने अपने एससी/एसटी वर्ग से होने का अनुचित लाभ उठाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अभियुक्तगण का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
👉 प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी ने 25 जून 2019 को थाना कैंट, वाराणसी में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश को लेकर शावाज आलम, निशाद आलम, सैफ एवं दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें गली में घेरकर पत्थर व ईंटों से मारपीट की। इस हमले में अश्विनी कुमार व अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वादी ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
