""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पैरवी की""
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अखाड़ा प्रबंधक ने दर्ज कराई थी चोरी की प्राथमिकी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज यादव पुत्र बच्चे लाल यादव निवासी दारानगर ने थाना कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में बताया कि वे महामृत्युंजय अखाड़ा वृद्धकाल के प्रबंधक हैं। 19 जून 2025 की रात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अखाड़ा परिसर से हनुमान जी का मुकुट और अन्य पूजा पात्र चोरी कर लिए।
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पुलिस पर लगाए फर्जी मुकदमे के आरोप
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि अभियुक्त अजय सेठ मैदागिन क्षेत्र में मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान चलाता है और थाना कोतवाली के फैटम व दरोगा अक्सर अपनी मोटरसाइकिलों की मरम्मत उसी से कराते हैं।
20 जून को दरोगा द्वारा अपनी बाइक की मरम्मत करवाई गई थी, जिसके भुगतान को लेकर विवाद हो गया। बचाव पक्ष के अनुसार, इसी विवाद के चलते दरोगा ने अभियुक्त को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और बाद में झूठी कहानी बनाकर चोरी के मामले में नामजद कर चालान कर दिया गया।
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22 जून से जेल में था निरुद्ध, अब मिली राहत
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह एक मेहनतकश व्यक्ति है। वह 22 जून 2025 से जिला कारागार में निरुद्ध था।
इन तर्कों पर विचार करते हुए अदालत ने अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया।
