✍️✍️ ससुराल में बहू के साथ दरिंदगी का आरोप, ससुर व देवर की जमानत स्वीकृत


वाराणसी: महिला थाना वाराणसी में दर्ज गंभीर आरोपों के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्रुतगामी प्रथम के न्यायाधीश कुलदीप सिंह द्वितीय की अदालत ने आरोपित पारसनाथ अग्रहरि और आशुतोष अग्रहरि को जमानत दे दी है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 75(2), 85, 115(2), 351(2) व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया गया था। 

""बचाव पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता श्याम सुंदर चौरसिया, अविरेंद्र सिंह और विश्वास सिंह ने की""

👉 प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता निशा अग्रहरी की शादी 3 फरवरी 2025 को पारूल अग्रहरी से हुई थी। शादी के अगले दिन से ही दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल व ₹5 लाख नकद की मांग को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

👉 पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था और मना करने पर मारपीट करता था। आरोपों के अनुसार, उसके ससुर पारसनाथ ने भी उसके साथ जबरदस्ती अश्लील हरकतें कीं और एक दिन ओरल सेक्स कर जबरन संबंध बनाए। देवर आशुतोष पर भी नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। पीड़िता ने यह भी बताया कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और मायके भेजते समय साफ शब्दों में कहा गया कि बिना दहेज वापस आना मना है। फिलहाल अदालत ने दोनों अभियुक्तों को जमानत दे दी है।

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