""वाराणसी कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला, सात साल पुराना मामला आया फैसले की कगार पर""
वाराणसी। रंगदारी न देने की रंजिश को लेकर युवक से मारपीट और लूट के आरोप में दर्ज मुकदमे में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) प्रवीण कुमार की अदालत ने सूरजकुंड, लक्सा निवासी विशाल यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
""बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विकास सिंह, अमनदीप सिंह और आशुतोष उपाध्याय ने अदालत में पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा""
👉 मामले की शुरुआत स्वरूप नगर, कानपुर निवासी हिमांशु यादव की शिकायत से हुई थी, जिन्होंने अदालत के आदेश पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार 23 अक्टूबर 2015 को टाउनहाल में लगे मेले में झूला लगाने के दौरान उनसे 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
👉 रंगदारी देने से इनकार करने पर कथित तौर पर सभासद भैयालाल यादव, उनके पुत्र गौरव यादव, विशाल यादव, कन्हैया और अन्य 20-25 लोगों ने मारपीट की और 32 हजार रुपये छीन लिए थे।
👉अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह निर्णय दिया कि विशाल यादव के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, जिससे उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।
