विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) के न्यायाधीश नितिन पांडेय की अदालत ने फूलपुर थाने में दर्ज एक गंभीर मामले में आरोपी राम प्रकाश की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी राम प्रकाश, ग्राम राजपुर, थाना सिंधौरा का रहने वाला है।
""अदालत में वादी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता संतोष मिश्रा ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया""
क्या है पूरा मामला?
👉 यह मामला फूलपुर थाना क्षेत्र की पीड़िता की मां की तहरीर पर दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी, जो इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है, को 26 अक्टूबर, 2023 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया।
आरोपी का बचाव और अभियोजन पक्ष का तर्क
आरोपी राम प्रकाश ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में कहा था कि पहले उसे केवल धारा 363 और 366 (भा०दं०सं०) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 16/17 के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह 75 दिनों तक जेल में रहा था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। आरोपी ने तर्क दिया कि पीड़िता या उसकी माँ ने बलात्कार की बात नहीं कही है, और केवल यह कहा गया था कि वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इसी आधार पर न्यायालय ने बाद में धारा 376(3) (भा०दं०सं०) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 बढ़ा दी।
👉 वहीं, अभियोजन पक्ष और वादिनी के अधिवक्ता ने जोरदार बहस करते हुए तर्क दिया कि 'पति-पत्नी की तरह रहना' अपने आप में यह दर्शाता है कि आरोपी ने एक नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिग की सहमति का कोई महत्व नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी है और वह बार-बार बुलाने पर भी अदालत में पेश नहीं हुआ है।
👉 दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया, यह मानते हुए कि मामला एक नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का है।
