वाराणसी।
एक आपराधिक मामले में फूलपुर के निवासी सुरेंद्र पुत्र फूलचंद को सत्र न्यायालय से झटका लगा है। अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार सुरेंद्र की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
""वादी के वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्रा व सहयोगी अधिवक्ता नावेद अहमद, दीपक राकेश दुबे व आशुतोष गर्ग ने अदालत में जमानत का कड़ा विरोध किया""
👉 अभियुक्त की ओर से तर्क दिया कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उसने दावा किया कि उसे बाद में झूठा फंसाया गया है और वह निर्दोष है। यह भी कहा गया कि इस मामले के कुछ अन्य सह-अभियुक्तों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
👉 हालांकि, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने इन तर्कों का जोरदार खंडन किया। उन्होंने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कुल 22 चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण 'सेप्टीसीमिया' बताया गया, जो पेट पर लगी गंभीर चोटों के कारण हुआ। अदालत ने पत्रावली का अध्ययन करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।
👉 न्यायाधीश संजीव पांडेय की अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए सुरेंद्र की जमानत याचिका को रद्द कर दिया।
