✍️✍️ Social मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ अधिवक्ताओं ने पुलिस आयुक्त को सौंपा प्रार्थना पत्र


वाराणसी।

 सेंट्रल बार अध्यक्ष के विरुद्ध Social मीडिया पर की गई अपमानजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणी को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को संबोधित एक प्रार्थना पत्र एडीसीपी राजेश कुमार सिंह को सौंपकर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

👉 अधिवक्ताओं ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया कि 10 दिसंबर 2025 को Social मीडिया प्लेटफॉर्म पर जितेंद्र यादव नामक व्यक्ति द्वारा एक वीडियो/कमेंट अपलोड किया गया, जिसमें सेंट्रल बार अध्यक्ष के प्रति आपत्तिजनक, अपमानजनक तथा उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह कृत्य केवल अध्यक्ष की व्यक्तिगत छवि को नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय की गरिमा को भी आघात पहुंचाता है।

👉 प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि उक्त टिप्पणी आईटी अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 500 (मानहानि) तथा शांति भंग से संबंधित धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि संबंधित वीडियो/कमेंट की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाए, उसे Social मीडिया से हटवाया जाए तथा आरोपी के विरुद्ध उपयुक्त धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाए।

👉 बता दें कि यह प्रार्थना पत्र अधिवक्तागण विपिन कुमार पाठक, राकेश प्रताप सिंह, हनुमत सिंह "नन्हे", अभय सिंह, रोहित दुबे, संदीप प्रताप सिंह"पिंटू", पंकज उपाध्याय, वाचस्पति मिश्र, अमरपाल सिंह, दिनेश कुमार पांडेय, आनंद कुमार सिंह, बृजेश सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अभिनीत चंद्र तिवारी, गौरव तिवारी, विजय सोनकर, तौफीक अहमद, रितेश यादव व विवेक कुमार पांडेय द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।

👉 अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस प्रकरण को लेकर आगे आंदोलन की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे। पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान लेते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post