✍️✍️ रंगदारी और धमकी के आरोपी को मिली सशर्त जमानत
स्थानीय अदालत ने धोखाधड़ी, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी शेख अजदर हुसैन की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अपर सत्र न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्त को 50,000 रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विजय कुमार सिंह, शक्ति सिंह व विकेश सिंह ने पक्ष रखा""
मामले का संक्षिप्त विवरण
वादी राम कुमार जायसवाल ने थाना आदमपुर में तहरीर दी थी कि अभियुक्त शेख अजदर हुसैन, अपने पुत्र और भतीजे के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता है। आरोप है कि अभियुक्त ने वादी और उसके परिवार को 50 लाख रुपए की रंगदारी न देने पर जान से मारने और फर्जी गैंगरेप केस में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस (BNS) की धारा 308(5) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
👉 सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि उनके मुवक्किल को आपसी भूमि विवाद के चलते रंजिशन फंसाया गया है और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। यह भी तर्क दिया गया कि अभियुक्त 9 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है और इस मामले में अभी तक किसी भी आरोप में दोषसिद्धि नहीं हुई है। जबकि सरकारी वकील और वादी के अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। अभियोजन ने यह भी आरोप लगाया कि अभियुक्त महिलाओं को मोहरा बनाकर प्रतिष्ठित लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराता है।
👉 अदालत ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं की दलीलो को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि मामला मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है और विवेचना अभी प्रचलित है। बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए, न्यायालय ने आरोपी की शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली।

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