✍️✍️ जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संजीव शुक्ला की अदालत ने जानलेवा हमला के मामले में अभियुक्त सुनील यादव उर्फ सोपाडू यादव की जमानत याचिका को तथ्यों, चिकित्सकीय साक्ष्यों एवं विधिक नज़ीरों के आधार पर निरस्त कर दिया गया।
👉 अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुनीब सिंह चौहान ने जमानत याचिका का सशक्त विरोध करते हुए न्यायालय को अवगत कराया कि अभियुक्त द्वारा धारदार हथियार से किया गया हमला अत्यंत गंभीर, सुनियोजित एवं प्राणघातक प्रकृति का है। अभियोजन ने यह भी रेखांकित किया कि अभियुक्त की संलिप्तता सी.सी.टी.वी. फुटेज, चिकित्सकीय साक्ष्य एवं केस डायरी से स्पष्ट रूप से सिद्ध होती है।
वादी मुकदमा/पीड़ित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने संयुक्त रूप से प्रभावी बहस करते हुए न्यायालय का ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट कराया कि अभियुक्त ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिससे पीड़ित की जान भी जा सकती थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभियुक्त को जमानत दिए जाने की स्थिति में पुनः अपराध कारित करने एवं गवाहों को प्रभावित करने की गंभीर आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बहस के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला दिया गया, जिनमें यह सिद्धांत स्थापित किया गया है कि गंभीर एवं संगीन अपराधों में जमानत कोई सामान्य अधिकार नहीं है। न्यायालय ने समस्त तथ्यों,परिस्थितियों, साक्ष्यों तथा अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त की जमानत याचिका को दिनांक 19 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया। है।

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