काशी कमिश्नरेट के थाना लंका क्षेत्र के अंतर्गत नरायनपुर डाफी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंगों ने एक अधिवक्ता की पंजीकृत भूमि पर न केवल अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया, बल्कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने नामजद निरंजन लाल, संदीप कुमार, ऊषा और कुसुम एवं अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता एडवोकेट दीपक कुमार सिंह, जो नरायनपुर डाफी के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने ग्राम सभा नरायनपुर डाफी की आराजी संख्या 310 और 311 स्थित भूमि को नियमानुसार क्रय किया था, जिसका पंजीकरण उपनिबंधक सदर द्वितीय के कार्यालय में भी दर्ज है।
घटना 19 फरवरी 2026 की है। पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, जब वह सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक के लिए अपनी भूमि से होकर निकल रहे थे, तभी पूर्व रंजिश रखने वाले निरंजन लाल, उनके पुत्र संदीप कुमार और कुछ अन्य अज्ञात लोग धारदार हथियारों के साथ वहाँ पहुँच गए।
महिलाओं ने दी गला रेतने की धमकी
आरोप है कि इन पुरुषों ने अधिवक्ता के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इसी दौरान ऊषा और कुसुम नामक महिलाओं ने अन्य अज्ञात महिलाओं के साथ मिलकर अधिवक्ता को हँसिया दिखाया और उनका गला रेत देने की धमकी दी। हमलावरों ने अधिवक्ता की ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश भी की।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी स्थानीय पुलिस और आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना लंका में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(2), 115(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया।
