✍️✍️ 20 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में 7 आरोपी दोषमुक्त
विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट के न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार की अदालत ने थाना रामनगर में दर्ज लगभग 20 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले की सुनवाई करते हुए सात आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
""अदालत में आरोपी अशोक यादव की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता रमेश कुमार यादव व नवीन यादव ने पक्ष रखा""
अदालत ने अभियुक्त मो० साबिर, जोगेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ जसविन्दर सिंह उर्फ बॉबी सरदार, अनिल गिरी, बद्री केसरवानी, बब्लू उर्फ अरुण कुमार उर्फ दादा जायसवाल, अशोक कुमार यादव व हिप्पी उर्फ चौधरी उर्फ सुरेन्द्र कुमार उर्फ सुरेश कुमार को धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के आरोप से बरी कर दिया। न्यायालय ने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, जिसके कारण आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है। सभी आरोपी पहले से जमानत पर थे। अदालत ने उनके जमानतनामे और बंधपत्र निरस्त करते हुए प्रतिभूगण को दायित्वों से मुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना रामनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने 12 नवम्बर 2005 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नसीम उर्फ पप्पू उर्फ मुलायम के नेतृत्व में एक सक्रिय गैंग कार्यरत है, जो आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए हत्या, डकैती, लूट, हत्या के प्रयास तथा अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता था। गैंग के सदस्यों के खिलाफ वाराणसी व इलाहाबाद के विभिन्न थानों में कई संगीन मुकदमे दर्ज थे।
तहरीर के आधार पर जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद थाना रामनगर में वर्ष 2005 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

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