वाराणसी।
कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक युवती को अपनी पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसाने, शारीरिक शोषण करने और बाद में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर हमला करने के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक अब्दुल कलाम को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) ने अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
👉पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, शान सिंह उर्फ सऊद नामक युवक ने अपनी पहचान छिपाकर उससे दोस्ती की। आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता को उसकी असली पहचान का पता चला और उसने विरोध किया, तो सऊद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता और उसके साथी पर जानलेवा हमला किया। इस दौरान आरोपियों पर जातिसूचक गालियां देने और मारपीट करने का भी आरोप है।
न्यायालय का आदेश
👉आरोपी अब्दुल कलाम की ओर से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया। विशेष लोक अभियोजक द्वारा पुलिस प्रपत्र उपलब्ध न होने के कारण समय की मांग की गई। जबकि बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता के दलीलों व पत्रावली के आधार पर न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए नियमित जमानत पर सुनवाई होने तक आरोपी को 25,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर अंतरिम जमानत दे दी ।
👉बता दे कि मामले में 06 मई 2026 की तिथि अगली सुनवाई के लिए नियत की है। कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि आरोपी नियत तिथि पर सुबह 11:00 बजे न्यायालय में आत्मसमर्पण करेगा। पुलिस को इस मामले में थाने से विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने और वादी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
👉आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 352, 351(3), 69 और SC/ST एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
