वाराणसी।
जनपद के लंका थाना क्षेत्र के एक मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी अजय राजभर को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उसे कुछ शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता रमेश यादव व सहयोगी अधिवक्ता दिव्य सिंह एवं रजत यादव ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी रामलाल ने आरोप लगाया था कि 27 मार्च 2026 को अजय राजभर उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया था। इस मामले में पुलिस ने धारा 137(2) और 87 बी.एन.एस. (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी तभी से न्यायिक हिरासत में था।
न्यायालय में दी गई दलीलें
बचाव पक्ष की ओर से आरोपी के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है। अजय 'बाटी-चोखा' बेचने का काम करता है और जगह को लेकर हुए विवाद के कारण उसे फंसाया गया।
न्यायालय का आदेश
सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मामले के तथ्यों और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी की जमानत मंजूर कर ली। न्यायालय ने 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की प्रतिभूति पर रिहाई का आदेश दिया।
