✍️✍️ बहू को सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले ससुरालियों को झटका, कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत


वाराणसी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने विवाहिता काजल राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और दहेज उत्पीड़न के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मृतका की सास कनकलता, जेठानी प्रिया और आंचल, तथा जेठ अभिषेक और विवेक सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं अपराध की गंभीरता को देखते हुए निरस्त कर दी हैं।  

""अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने पक्ष रखा""

सुसाइड नोट बना गले की फांस: "नहीं बन सकी पापा की प्रिंसेस"

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतका द्वारा लिखे गए मार्मिक सुसाइड नोट को मुख्य आधार बनाया। सुसाइड नोट में काजल ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह अपने ससुराल वालों और पति के मानसिक व घरेलू उत्पीड़न के कारण "हसबैंड की क्वीन" नहीं बन सकी। नोट में आरोपियों के नाम का जिक्र करते हुए काजल ने लिखा था कि उसके पति उससे घृणा करते थे और उसे दूसरी शादी करने या घर छोड़कर जाने को कहते थे, जो उसके आत्मसम्मान के खिलाफ था।  

शादी के दो साल के भीतर हुई मौत

वादी नीरज राय ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी नवंबर 2024 में बैंक मैनेजर नितेश कुमार सिंह से की थी और करीब 80 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले कार की मांग को लेकर काजल को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। 27 फरवरी 2026 को काजल का शव घर की तीसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला था।  

आरोपियों की ओर से दलील दी गई थी कि काजल मानसिक रूप से बीमार थी और मां न बन पाने के कारण तनाव में थी, जिस वजह से उसने आत्महत्या की। उन्होंने खुद को अलग रहने वाला और निर्दोष बताया। हालांकि, अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आए 'एंटी-मॉर्टम हैंगिंग' के साक्ष्यों और मृतका द्वारा पूर्व में दर्ज कराई गई एफआईआर को संज्ञान में लेते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।  


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