वाराणसी। विशेष न्यायालय (SC/ST एक्ट) की न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने थाना कैंट में दर्ज एक सनसनीखेज मामले में आरोपी मो. सऊद की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। आरोपी रामपुर जिले के अजीबनगर का निवासी है, जिस पर पहचान छिपाकर दोस्ती करने, शारीरिक संबंध बनाने और मारपीट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""
क्या था मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी ने कैंट थाने में तहरीर दी थी कि वह नदेसर क्षेत्र में रहकर कार्य करती है। आरोपी मो. सऊद अपनी बिरयानी की दुकान पर उसे 'शान सिंह' के रूप में मिला था। नाम छिपाकर उसने वादिनी से नजदीकी बढ़ाई और शारीरिक संबंध बनाए। जब वादिनी को उसके असली नाम और धर्म के साथ-साथ अन्य महिलाओं से संबंधों के बारे में पता चला, तो उसने दूरी बना ली। आरोप है कि इससे नाराज होकर आरोपी ने वादिनी को बदनाम करना शुरू कर दिया।
जानलेवा हमले और धर्मांतरण कानून का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, जब वादिनी ने अपने साथी कुनाल श्रीवास्तव के साथ आरोपी को ऐसा करने से मना किया, तो आरोपी ने अपने 5-6 साथियों के साथ मिलकर वादिनी के घर में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई और कुनाल को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने इस मामले में BNS की धाराओं के साथ-साथ SC/ST एक्ट और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (लव जिहाद कानून) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
