✍️✍️ Samajwadi Party MP gets major relief

 

✍️✍️ सपा सांसद को मिली बड़ी राहत

 ""जाति को लेकर दाखिल अपील को मंडलायुक्त ने किया खारिज""

वाराणसी।  लोकसभा चुनाव में अनुचित लाभ लेने के लिए अपनी जाति को अनुसूचित जाति का बताकर गलत हलफनामा दाखिल करने के मामले में सोनभद्र के सपा सांसद छोटेलाल खरवार को बड़ी राहत मिल गई। मंडलीय अपीलीय फोरम के अध्यक्ष मंडलायुक्त एस राजलिंगम एवं सदस्यगण अपर जिलाधिकारी चंदौली राजेश कुमार, उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग वाराणसी मंडल विजय प्रताप यादव, उपनिदेशक पिछड़ा कल्याण विभाग वाराणसी मंडल शरद प्रकाश श्रीवास्तव, उपनिदेशक मत्स्य विभाग वाराणसी मंडल सुरेश कुमार ने अनपरा, सोनभद्र निवासी अपीलार्थी इंद्रजीत की अपील को बलहीन और आधारहीन पाते हुए खारिज कर दिया। 

👉अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अपीलार्थी द्वारा की गयी शिकायत कि छोटेलाल कमकर/कहार हैं, के सम्बन्ध में कोई तार्किक साक्ष्य एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रस्तुत अभिलेखीय साक्ष्यों तहसील जांच रिपोर्ट दिनांक 20 नवंबर 2024 एवं शासनादेश संख्या-111/भा०स०/26-3-2003-3(7)/2003 दिनांक 03 जुलाई 2003 (05 जनपदों देवरिया, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी एवं सोनभद्र में खरवार को अनुसूचित जनजाति में रखा गया है शेष सभी जनपदों में अनुसूचित जाति में वर्गीकृत है) से स्पष्ट है कि सपा सांसद छोटेलाल खरवार अनुसचित जाति के हैं और इनका मूल निवास ग्राम मंगरही, तहसील नौगढ़, जनपद चन्दौली है। ऐसी स्थिति में जिला स्कूटनी कमेटी, चन्दौली द्वारा आक्षेपित आदेश दिनांक 30 दिसंबर 2024 के माध्यम से अपीलकर्ता के प्रत्यावेदन 22 मई 2024 बलहीन होने के कारण निरस्त किया जाता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि जिला स्कूटनी कमेटी, चन्दौली द्वारा सम्पूर्ण तथ्यों का भलीभांति परीक्षण करने के उपरान्त आक्षेपित आदेश दिनांक 30-12-2024 पारित किया गया है, जिसमें कोई त्रुटि की गयी परिलक्षित नहीं होती है। फलस्वरूप आक्षेपित आदेश के विरूद्ध प्रस्तुत अपील बलहीन है और निरस्त किये जाने योग्य है। 

""अदालत में सपा नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा""

👉👉 प्रकरण के अनुसार इंद्रजीत ने मंडलीय अपीलीय फोरम में अपील दाखिल की थी। आरोप था कि लोकसभा निर्वाचन के समय सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में अपना निवास स्थान सोनभद्र दर्शाया है। अतः ये खरवार बिरादरी और सोनभद्र निवासी होने के नाते अनुसूचित जाति नहीं, बल्कि अनुसूचित जनजाति के श्रेणी में आते हैं और चुनाव में अनुचित लाभ के लिए उन्होंने गलत हलफनामा दाखिल किया है। यह भी उल्लेखनीय है कि सपा सांसद छोटेलाल पुत्र स्व० रामधनी कमकर / कहार बिरादरी से आते हैं। 

👉 जबकि उक्त शिकायत के क्रम में जिला स्कूटनी कमेटी द्वारा तहसील नौगढ, जनपद चन्दौली से आख्या आहूत की गयी। तहसील स्तरीय जाँच रिपोर्ट 20 नवंबर 2024 के अनुसार सपा सांसद छोटेलाल का मूल निवास ग्राम मंगरही, तहसील नौगढ़, जनपद चन्दौली है तथा वह खरवार अनुसूचित जाति के हैं। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों में मौजा मंगरही, परगना केरामंगरौर, तहसील चकिया, जनपद वाराणसी के फसली वर्ष 1359 की उद्धरण खतौनी में मंश वल्द मंगरू कौम खरवार दर्ज है तथा अन्य फसली 1385-1390 व 1397-1402 फ० वर्ष की उद्धरण खतौनी में दर्ज वरासत आदेश के अनुसार मंश वल्द मंगरू का वंशवृक्ष इस प्रकार है। जिसमें मंशा के पुत्र रामधनी हैं, तथा रामधनी के 05 पुत्र कमशः अकबाल नरायन, जवाहिर, छोटेलाल, ओमप्रकाश व शिवकुमार हैं। उ०प्र० शासन (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी परिवार रजिस्टर की नकल दिनांक 06-11-2024 में श्री छोटेलाल की जाति खरवार पृष्ठ संख्या 768 पर दर्ज है। इसी आधार पर मंडलीय अपीलीय फोरम ने इंद्रजीत के बार बार समय लिए जाने के बाद भी अपने कथन के संदर्भ में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके बाद मंडलीय अपीलीय फोरम ने उक्त अपील बलहीन और आधारहीन पाते हुए उसे निरस्त कर दिया।




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