मुगलसराय (चंदौली):
मुगलसराय थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जमीन के कारोबार से जुड़ी एक महिला के साथ राड, डंडे और लाठी से बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित महिला ने अपने पति के बिजनेस पार्टनर और उनके परिवार पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित गार्गी सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि वह 28 मई, 2026 की सुबह लगभग 9:00 बजे अपने घर पर घरेलू कार्य कर रही थीं। तभी उनके पति के पिछले 15 वर्षों से बिजनेस पार्टनर रहे 'प्यारे मामा' (निवासी सूजाबाद पड़ाव) वहां पहुंचे। उसके करीब 10 मिनट बाद ही प्यारे मामा की पत्नी उर्मिला यादव, पुत्र अमित यादव व मनोज यादव और पुत्री मोनी यादव ने घर में घुसकर उन पर रड और डंडे से हमला कर दिया।
बच्चों को भी पीटा, गहने लूटे
गार्गी सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें बाल पकड़कर घसीटा और जान से मारने की नीयत से बुरी तरह घायल कर दिया। इतना ही नहीं, घर में मौजूद मासूम बच्चों प्रतिज्ञा सिंह और प्रगति सिंह को भी बेरहमी से पीटा गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर जाते समय उनके गले की सोने की चैन, लॉकेट, कान की बाली और नाक की पिन भी लूट ले गए। यह पूरी वारदात घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।
राजनीतिक साजिश की आशंका
पीड़िता ने इस हमले के पीछे गहरी राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पूर्व लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सिद्धांत जायसवाल (निवासी रामनगर, वाराणसी) ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता का कहना है कि उनकी राजनीतिक छवि खराब करने और उनकी हत्या के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया गया है।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
हमले के बाद पीड़िता को पहले मुगलसराय राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पंडित कमलापति त्रिपाठी सरकारी अस्पताल, चंदौली रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है, जहाँ उनके शरीर में मल्टीपल फैक्चर पाए गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मुगलसराय थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक अजय कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
