✍️✍️ Corruption Case Reaches DM’s Court: Consolidation Officer Accused of Fraud, Massive Bribes

 

"वाराणसी में चकबंदी अधिकारी पर लगा 4 लाख की घूस का आरोप, DM से गुहार: "साहब! पैसा भी लिया और फैसला भी खिलाफ कर दिया"

 ""चकबंदी अधिकारी पवन कुमार सिंधु पर भ्रष्टाचार का आरोप, मोबाइल लोकेशन और CDR से जांच की मांग""

वाराणसी।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रोहनिया क्षेत्र के निवासी एक पीड़ित ने जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने और फिर भी विपक्षी के पक्ष में फैसला सुनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

मिसिरपुर निवासी अभिषेक गिरी के अनुसार, उनकी पुश्तैनी संपत्ति का एक मामला (अपील संख्या 852/2024) बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान अधिकारी पवन कुमार सिंधु ने प्रार्थी को अपने चैम्बर में बुलाकर धमकी दी कि यदि 4 लाख रुपए नहीं दिए गए, तो वह अपील निरस्त कर देंगे और प्रार्थी अपनी पुश्तैनी जमीन से हाथ धो बैठेगा।


घर बुलाकर ली रिश्वत!

पीड़ित का दावा है कि उसने अपने परिवार से पैसा इकट्ठा कर अधिकारी को सूचित किया, जिसके बाद अधिकारी ने उसे चांदपुर स्थित अपने निजी आवास पर शाम 7 बजे बुलाया और 4 लाख नकद रुपए प्राप्त किए।


विपक्षी से 10 लाख की 'डील' का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, हद तो तब हो गई जब 27 अप्रैल 2026 को अधिकारी ने उसे दोबारा बुलाकर कहा कि विपक्षी दल उसे 10 लाख रुपए दे रहा है, इसलिए वह अब उन्हीं के पक्ष में फैसला सुनाएगा। पीड़ित ने जब अपने वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ विरोध जताया, तो आरोप है कि अधिकारी ने तमाम साक्ष्यों को नजरअंदाज करते हुए विपक्षी के पक्ष में आदेश पारित कर दिया।


कड़ी कार्रवाई की मांग

प्रार्थी अभिषेक गिरी ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि:

  • 👉 दोषी अधिकारी के मोबाइल की CDR और लोकेशन की जांच की जाए।
  • 👉 भ्रष्टाचार के साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक जांच कर मुकदमा पंजीकृत किया जाए।

Post a Comment

Previous Post Next Post