वाराणसी।
स्थानीय अदालत ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोकसेवक के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने के मामले में नामजद तीन आरोपियों को बड़ी राहत दी है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी राहुल यादव, प्रमोद यादव और दिनेश यादव की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अवधेश सिंह,कान्तानाथ कुशवाहा व नितेश सिंह ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 11 सितंबर 2024 की दोपहर करीब 1.30 बजे की है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मैदागिन से बुलानाला जाने वाले वीआईपी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा था। टीम का नेतृत्व उप-निरीक्षक रवि पाण्डेय कर रहे थे, जिसमें सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
सप्तसागर दवा मंडी निवासी राहुल और प्रमोद यादव की दुकान 'बाबा जी डोसा' का काउंटर सड़क पर रखा होने के कारण यातायात बाधित हो रहा था। पुलिस का आरोप है कि जब उन्हें कई बार निर्देश देने के बाद काउंटर अंदर करने को कहा गया, तो आरोपियों ने सहयोग करने के बजाय पुलिस टीम के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
पुलिस पर हमले का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी राहुल और प्रमोद यादव ने पुलिसकर्मियों को भद्दी गालियां दीं और उन पर हमला कर दिया। इसी बीच उनका तीसरा भाई दिनेश यादव और कुछ अन्य अज्ञात लोग भी वहां पहुंच गए और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस टीम को देख लेने की धमकी दी।
