वाराणसी।
जिले की एक अदालत ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी विशाल गुप्ता उर्फ भरत गुप्ता की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को राहत प्रदान की है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कैंट थाना क्षेत्र का है, जहां वादिनी सरोज पांडेय ने आरोप लगाया था कि आरोपी विशाल गुप्ता और उनकी मां मधुबाला ने गीता नगर कॉलोनी (हुकुलगंज) स्थित अपने मकान को बेचने के नाम पर उनसे करीब 18 लाख रुपये हड़प लिए। वादिनी का आरोप था कि पैसे लेने के बावजूद आरोपियों ने मकान किसी और को बेचने की कोशिश की और विरोध करने पर भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में धारा 420, 406, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
जबकि आरोपी के विद्वान अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि यह मामला पूरी तरह से दीवानी (Civil) प्रकृति का है जिसे आपराधिक रंग दिया गया है। उन्होंने कहा कि वादिनी द्वारा बताए गए पैसे के लेनदेन के दावे फर्जी हैं। जिस इकरारनामे (Agreement) का जिक्र किया जा रहा है, वह कूटरचित और फर्जी है। इस संपत्ति को लेकर पहले से ही सिविल जज सीनियर डिवीजन के यहां मुकदमा लंबित है। आरोपी का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है।
