चंदौली।
स्थानीय जनपद की विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने दो नाबालिग सगी बहनों के साथ कथित रूप से अश्लील हरकत करने, उन पर हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत प्रार्थना-पत्र को मंजूर कर लिया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनुराग शर्मा ने आरोपी को 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की दो विश्वसनीय जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता साबिर अली व उदयनाथ सिंह यादव ने पक्ष रखा""
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला मुगलसराय थाना क्षेत्र के एक गांव का है। वादिनी मुकदमा (पीड़िताओं की मां) ने आरोप लगाया था कि उनकी दो नाबालिग बेटियां ( 15 वर्ष और 13 वर्ष) शाम के वक्त अपनी जमीन के अंदर बाउंड्री वाल के पास पुदीना की पत्ती तोड़ने गई थीं। वहां पहले से मौजूद आरोपी, उसका भाई और कुछ अन्य अज्ञात लोग जुआ खेल रहे थे।
👉 जब बच्चियों ने अपनी जमीन पर जुआ खेलने का विरोध किया, तो आरोपी आग-बबूला हो गए। आरोप है कि मोहम्मद अजीम अपने घर से चाकू लेकर आया और छोटी बेटी के गले पर रखकर गाली-गलौज की और अभद्र हरकतें कीं। बीच-बचाव करने पहुंची मां के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की, ईंट लेकर दौड़ाया और उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
