✍️✍️ इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख: अवमानना मामले में वाराणसी पुलिस कमिश्नर को किया तलब
वाराणसी:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर (विपक्षी संख्या-1) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह मामला 'परम हंस गुप्ता बनाम मोहित अग्रवाल व अन्य' के तहत दायर अवमानना याचिका से संबंधित है।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता परम हंस गुप्ता ने 17 सितंबर 2025 को 'रिट ए नंबर 18644/2024' में पारित हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन को लेकर यह अवमानना याचिका दायर की है।
अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि उच्च न्यायालय द्वारा 17 सितंबर 2025 को दिए गए निर्देशों का याचिकाकर्ता ने पूर्णतः पालन किया है। इसके बावजूद, विपक्षी पक्ष द्वारा न तो विभागीय कार्यवाही को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया गया और न ही 10 नवंबर 2024 के निलंबन आदेश को रद्द किया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि इस प्रकार के आदेशों का पालन न करना केवल एक मामला नहीं है, बल्कि वाराणसी सहित अन्य जिलों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
हाईकोर्ट ने दिए कड़े निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए, न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को 11 जून 2026 को दोपहर 02:00 बजे स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional Advocate General) को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश की प्रति आज ही विपक्षी संख्या-1 को उपलब्ध कराएं। रजिस्ट्रार (अनुपालन) को भी निर्देश दिया गया है कि वे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी के माध्यम से इस आदेश की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारी तक पहुँचाएं।
