वाराणसी:
कैंट थाना क्षेत्र में अधिवक्ता से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी शेख अजदर हुसैन को अपर सत्र न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह द्वारा जमानत दे दी गई है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विजय कुमार सिंह व शक्ति सिंह ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
वादी सुभाष चंद्र शर्मा (अधिवक्ता) ने आरोप लगाया था कि वे दीवानी कचहरी में वकालत करते हैं और आरोपी शेख अजदर हुसैन के विरुद्ध कुछ दीवानी वादों में पैरवी कर रहे थे। आरोप के अनुसार, आरोपी ने वादी पर मुकदमों से हटने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। वादी ने यह भी आरोप लगाया कि 5 दिसंबर 2025 को कचहरी के पास उसे रोककर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
न्यायालय का रुख
सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष और प्रथम सूचक के अधिवक्ता ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और गंभीर प्रकृति के अपराध का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। वहीं, बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और तर्क दिया कि आरोपी को दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद, न्यायालय ने पाया कि इसी मामले में अन्य सह-अभियुक्तों को उच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है। साथ ही, यद्यपि आरोपी पर 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन किसी भी मामले में दोषसिद्धी नहीं हुई है। इन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने की शर्त पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
जमानत की मुख्य शर्तें:
- 👉आरोपी समान प्रकार के अपराध को दोबारा नहीं दोहराएगा।
- 👉वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और गवाहों को धमकाएगा या प्रलोभन नहीं देगा।
- 👉विवेचना में सहयोग करेगा और नियत तिथि पर न्यायालय में उपस्थित रहेगा।
- 👉न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा।
