""दुकान में 2 लाख की चोरी के मामले में 1 मई से जेल में बंद था आरोपी""
वाराणसी।
सारनाथ पुलिस द्वारा 'गुडवर्क' के नाम पर की गई एक कार्रवाई पर अदालत ने गंभीर सवाल उठाए हैं। वाराणसी की एक विशेष अदालत ने दो लाख रुपये की चोरी के मामले में नामजद आरोपी गौरव राय उर्फ गोलू पंडित की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (संख्या-06) के पीठासीन अधिकारी आलोक कुमार ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद आरोपी को एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की दो जमानतों पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विकास गुप्ता, कृपा शंकर ,अजितेष ओझा व राजीव रंजन ने पक्ष रखा""
देरी से दर्ज मुकदमे ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें
मामले के अनुसार, वादिनी कंचन गुप्ता ने सारनाथ थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 28 अप्रैल 2026 की रात उसकी दुकान से दो लाख रुपये के नोटों की गड्डियां चोरी हो गई थीं। लेकिन, पुलिस ने इस मामले में दो दिन बाद यानी 30 अप्रैल 2026 को अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा कि एफआईआर काफी विलम्ब से दर्ज कराई गई, जिससे अभियोजन की कहानी संदेहास्पद प्रतीत होती है।
वहीं बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता ने कोर्ट में पुलिसिया थ्योरी की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि पुलिस ने महज अपनी पीठ थपथपाने (गुडवर्क) के लिए गौरव राय को 1 मई 2026 को अवैध तरीके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा दिखाई गई 19,900 रुपये की कथित बरामदगी पूरी तरह फर्जी है, क्योंकि मौके पर कोई भी स्वतंत्र पब्लिक गवाह (जनसाक्षी) मौजूद नहीं था। अधिवक्ता ने दलील दी कि यदि सारनाथ पुलिस की सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच की जाए, तो पुलिस की झूठी कहानी बेनकाब हो जाएगी।
