✍️✍️शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के मामले में आरोपी को मिली जमानत
वाराणसी की एक विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी संदीप मौर्य को बड़ी राहत देते हुए उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय प्रथम (वाराणसी) के पीठासीन अधिकारी कुलदीप सिंह-II की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि के जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुन्दर चौरसिया व किशन चौबे ने पक्ष रखा""
क्या था मामला?
मामला सिगरा थाने के अंतर्गत धारा-69 बी.एन.एस. (BNS) के तहत दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप था कि रामनगर निवासी अभियुक्त संदीप मौर्य ने उसे शादी का झांसा देकर दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच एक होटल में शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। अभियुक्त 28 मई 2026 से इस मामले में जिला कारागार में बंद था।
आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि दोनों एक-दूसरे को करीब एक साल से जानते थे और मोबाइल पर बातचीत करते थे। उनके बीच जो भी संबंध बने, वे आपसी सहमति से बने थे।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि:
- 👉पीड़िता ने प्राथमिकी में खुद को करीब 6 महीने की गर्भवती बताया था, लेकिन मेडिको लीगल रिपोर्ट (MLR) में गर्भधारण का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया।
- 👉घटना की रिपोर्ट लगभग पांच महीने की देरी से दर्ज कराई गई थी, जिसका अभियोजन पक्ष के पास कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं था।
शर्तों के साथ जमानत मंजूर
अदालत ने आरोपी संदीप मौर्य का कोई पुराना आपराधिक इतिहास न होने और मामले के तथ्यों को देखते हुए उसे जमानत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने आरोपी पर कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं, जैसे वह पीड़िता या गवाहों को किसी भी तरह से डराएगा या धमकाएगा नहीं, कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा और विवेचना में पूरा सहयोग करेगा।
