✍️✍️ सुपरफास्ट जमानत: अस्सी घाट से स्प्लेंडर चुराने वाला आरोपी जेल जाते ही 24 घंटे में आया बाहर!, कोर्ट से मिली जमानत
वाराणसी।
अस्सी घाट स्थित प्रसिद्ध असि संगमेश्वर मंदिर के सामने से मोटरसाइकिल चोरी करने के मामले में आरोपी अजय यादव को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ शुक्ला की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने आरोपी को 20 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की एक जमानत दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता ओम प्रकाश यादव,वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता मनीष मिश्रा व वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता राजेश यादव ने पक्ष रखा""
क्या था पूरा मामला?
प्राथमिकी के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी और वर्तमान में वाराणसी में रहकर धार्मिक अनुष्ठान व पूजा-पाठ कराने वाले पीड़ित नीरज कुमार तिवारी ने भेलूपुर थाने में तहरीर दी थी। पीड़ित के मुताबिक, वह 8 अगस्त 2024 को अस्सी घाट स्थित असि संगमेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करने आए थे। उन्होंने अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को मंदिर के सामने खड़ा किया था। सुबह करीब 10 बजे जब वह मंदिर से बाहर आए, तो उनकी मोटरसाइकिल गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी गाड़ी का पता न चलने पर भेलूपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया था।
न्यायालय में चली बहस
भेलूपुर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय यादव को गिरफ्तार कर 29 जून 2026 को जिला कारागार, वाराणसी भेज दिया था। मंगलवार को आरोपी के विद्वान अधिवक्ताओ ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दलील दी कि उनके मुवक्किल का इस चोरी की घटना से कोई संबंध नहीं है और उसे झूठे व मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर फंसाया गया है। इसके विपरीत, अभियोजन अधिकारी ने अपराध को गंभीर व गैर-जमानती बताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
अदालत का फैसला
माननीय न्यायालय ने पत्रावली और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एक ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित कानूनी व्यवस्था को आधार बनाते हुए अदालत ने माना कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का पर्याप्त आधार मौजूद है, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली।
