✍️✍️ पूर्व IPS अभिताभ ठाकुर की प्रगति रिपोर्ट तलब करने के लिए कोर्ट में दी अर्जी
""छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोर्ट में जांच के बाद आरोप पत्र प्रेषित न करने का आरोप""
वाराणसी।
चौक थाने में दर्ज एक मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट से इस मामले में हुई अब तक की कार्यवाही पर प्रगति रिपोर्ट तलब करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। पूर्व आईपीएस ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव की ओर से विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दिए गए अर्जी में आरोप लगाया है कि इस मामले में पुलिस ने उन्हें आरोपित बनाया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी जांच को उसके कानूनी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया है और आवेदक की जानकारी के अनुसार, जांच पूरी होने पर कोई उचित पुलिस रिपोर्ट सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई है, जबकि मामले के दर्ज होने के 10 दिनों के भीतर ही आवेदक की न्यायिक हिरासत मांगी गई थी।
👉 उन्होंने अपनी अर्जी में सवाल उठाया है कि "क्या कोई जांच एजेंसी, आपराधिक न्यायालय के बाध्यकारी क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने और एफआईआर दर्ज होने के 10 दिनों के भीतर आवेदक की न्यायिक हिरासत मांगने के बाद, बिना किसी विशिष्ट जांच आवश्यकता, बाधा या ऐसे निरंतर लंबित रहने के लिए उचित औचित्य प्रदर्शित किए, उसके बाद छह महीने से अधिक समय तक जांच को लंबित रख सकती है?" अर्जी में कहा गया है कि सक्षम आपराधिक न्यायालय के दंडात्मक क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए और आवेदक की न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए, जांच एजेंसी ने उस चरण तक की गई जांच और उन सामग्रियों पर विचार किया जो कथित तौर पर ऐसी हिरासत को उचित ठहराती थीं। लेकिन जांच के प्रारंभिक चरण में उपरोक्त रुख अपनाने के बावजूद, एफआईआर दर्ज होने के बाद से छह महीने से अधिक समय बीत चुका है और जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। पूर्व आईपीएस ने इस मामले के दर्ज होने और उनकी गिरफ्तारी होने के आठ माह बाद भी पुलिस अभी तक इस मामले में अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है और न ही कोर्ट में आरोप पत्र ही प्रेषित किया है। ऐसे उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हुए इस मामले में हुई अब तक की समस्त कार्यवाहियों के बाबत प्रगति रिपोर्ट तलब करने की कोर्ट से अपील की है। अदालत ने इस मामले में चौक पुलिस से आख्या तलब करते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि 24 जुलाई नियत कर दी है।
👉 बता दें कि बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में बीते नौ दिसम्बर को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि बीते 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए अर्नगल आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक व गलत खबर प्रचारित किया है। जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर व एक अन्य के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में अमिताभ ठाकुर को प्राथमिकी दर्ज होने के दस दिनों बाद ही देवरिया में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें देवरिया जेल से लाकर सेंट्रल जेल में रखा गया था और उन्हें वाराणसी की कोर्ट में पेश कर उनका न्यायिक रिमांड बनाया गया। न्यायिक रिमांड बनने के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा में लेकर वापस देवरिया जेल भेज दिया गया था। बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसी मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में अर्जी देकर प्रगति रिपोर्ट तलब करने की अपील की है।
