✍️✍️ हुकुलगंज भवन विवाद में महिला अभियुक्ता को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने शर्तों के साथ मंजूर की अग्रिम जमानत
वाराणसी।
जिले के बहुचर्चित भवन विक्रय और धोखाधड़ी के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने अभियुक्ता मधुबाला गुप्ता उर्फ मधु गुप्ता को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद यह आदेश पारित किया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने पक्ष रखा""
क्या है मामला?
यह मामला थाना कैंट, वाराणसी में पंजीकृत एक अपराध से संबंधित है, जिसमें अभियुक्ता मधुबाला गुप्ता और उनके पुत्र विशाल कुमार गुप्ता पर धारा 420, 406, 504 और 506 के तहत धोखाधड़ी और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे। वादिनी सरोज पांडेय ने आरोप लगाया था कि अभियुक्ता ने भवन संख्या एल 10/55-डी एम, गीता नगर कॉलोनी, हुकुलगंज के सौदे में उनके साथ 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है और जान से मारने की धमकी दी है।
👉बता दे कि न्यायालय में प्रस्तुत अग्रिम जमानत याचिका में विद्वान अधिवक्ता द्वारा अभियुक्ता मधुबाला गुप्ता के ऊपर वादिनी के आरोपों को पूर्णतः निराधार, मनगढ़ंत और कल्पित बताया। अभियुक्ता के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वादिनी द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं और इस मामले में सिविल न्यायालय (सी.जे.डी., वाराणसी) में पहले से ही एक वाद विचाराधीन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सह-अभियुक्त विशाल गुप्ता को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है और अभियुक्ता का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है।
अदालत का फैसला
न्यायालय ने पत्रावली के अवलोकन और अपराध की प्रकृति पर विचार करते हुए न्यायाधीश आलोक कुमार ने आदेश दिया कि अभियुक्ता मधुबाला गुप्ता को 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की एक जमानत पेश करने पर अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए। न्यायालय ने शर्त रखी है कि आवेदिका जांच में पुलिस का सहयोग करेंगी, मामले के तथ्यों को प्रभावित नहीं करेंगी, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगी और भविष्य में ऐसा कोई अपराध नहीं करेंगी।
