✍️✍️ "Court grants anticipatory bail to three accused in cases of molestation of a woman, assault, and other serious criminal offenses."


✍️✍️ महिला से छेड़छाड़, मारपीट व अन्य गम्भीर आपराधिक मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दी अग्रिम जमानत

वाराणसी:

वाराणसी जिला सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए महिला द्वारा दर्ज कराए गए गंभीर आपराधिक मामले में तीन आरोपियों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। कोर्ट ने यह निर्णय दोनों पक्षों की दलीलों और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद लिया है।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्तागण संदीप विद्यार्थी, इमरान खान, आलमदार हुसैन व सिमरन सोनी ने पक्ष रखा""

क्या है पूरा मामला?

प्रदीप राजभर (उर्फ प्रदीप भारद्वाज), लवकुश राजभर (उर्फ लवकुश) और अरविन्द राजभर (उर्फ अरविन्द) ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। वादिनी (शिकायतकर्ता महिला) ने इन तीनों पर आरोप लगाया था कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, वादिनी ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसे अश्लील इशारे करते हैं, पीछा करते हैं और अश्लीलता के लिए दबाव बनाते हैं। साथ ही, 24 मई 2026 को रात करीब 10:30 बजे आरोपियों द्वारा उसके घर में जबरन घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था।

आरोपियों का पक्ष और कोर्ट का तर्क

बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि आरोपियों को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि यह मुकदमा रंजिश के कारण दर्ज कराया गया है। आरोपियों ने दावा किया कि वादिनी और उनके परिवार के साथ उनकी संपत्ति विवाद को लेकर दीवानी अदालत में पहले से ही मुकदमा विचाराधीन है, जो कि इस रंजिश की मुख्य वजह है।

अदालत का फैसला

सत्र न्यायाधीश ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करने के उपरांत आरोपियों को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी । न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी के लिए 50,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो प्रतिभू जमा करने का आदेश दिया।

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