✍️✍️ 32 लाख से अधिक की ठगी का मामला, कोर्ट ने खारिज की 2 आरोपियों की जमानत याचिका
वाराणसी:
जिले की विशेष अदालत (एस.सी./एस.टी. एक्ट) ने जमीन के एक विवादास्पद सौदे और उससे जुड़े आपराधिक मामले में दो आरोपियों, प्रिंस उपाध्याय और पवन पाण्डेय, की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। विशेष न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह सख्त आदेश पारित किया।
""अदालत में वादी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता सुनील कुमार तिवारी, नवीन यादव, आनन्द प्रकाश व श्रवण कुमार ने पक्ष रखते हुए जमानत याचिका का विरोध किया""
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी विवेक कुमार कन्नौजिया ने थाना लालपुर-पांडेयपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपियों ने वादी की रिश्तेदार रीता कन्नौजिया को जमीन दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के माध्यम से और 10 लाख 25 हजार रुपये अन्य शुल्कों के रूप में लिए। वादी का आरोप है कि जमीन न मिलने पर जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके घर जाकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी।
जबकि आरोपी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि यह पूरी तरह से एक सिविल विवाद है जिसे आपराधिक रंग दिया गया है। बचाव पक्ष का कहना था कि जमीन का सौदा संजय मौर्या के साथ हुआ था और आरोपियों पर लगे आरोप निराधार और साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने इसे वादी द्वारा पैसा ऐंठने की नियत से दर्ज कराया गया मामला बताया।
अदालत का फैसला
विशेष न्यायाधीश ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करते हुए पाया कि यह मामला महज एक सिविल विवाद नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वादी से पैसे लेकर उसे ऐसी जमीन का विक्रय कराया गया जो विक्रेताओं के पास थी ही नहीं। अदालत ने आरोपियों द्वारा वादी के साथ किए गए व्यवहार और मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
