✍️✍️ चंदौली: कोर्ट से बड़ी राहत, वाहन चोरी के आरोपी को मिली जमानत
चंदौली:
जनपद की सत्र न्यायालय ने वाहन चोरी के एक मामले में आरोपी सचिन जायसवाल को जमानत प्रदान की है। न्यायालय ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए अभियुक्त को सशर्त रिहाई का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 09 मई 2026 को थाना मुगलसराय। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल के साथ देखे गए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर सचिन जायसवाल सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया था। उनके पास से अवैध हथियार और चोरी की गई पांच मोटरसाइकिलें बरामद होने का दावा किया गया था।
बता दे कि अभियुक्त सचिन जायसवाल की ओर से पेश विद्वान अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि वह निर्दोष है। उनका कहना था कि आरोपी अपनी दुकान पर पत्तल-गिलास का व्यापार करता है और उसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। विद्वान अधिवक्ता ने दलील दी कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और वह पुलिस की कथित वसूली की मांग पूरी न करने के कारण प्रतिशोध का शिकार हुआ है।
न्यायालय का अवलोकन और निर्णय
सत्र न्यायाधीश, चंदौली की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और केस डायरी का विस्तृत अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि पुलिस द्वारा की गई बरामदगी और मामले में पेश किए गए साक्ष्यों में कई विसंगतियां थीं। अभियोजन पक्ष आरोपी के पिछले आपराधिक इतिहास का हवाला दे रहा था, लेकिन उसके आधार पर वर्तमान जमानत अर्जी को खारिज करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। न्यायालय ने इस सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना कि केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जाना चाहिए। इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, न्यायालय ने सचिन जायसवाल को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभूतियों के आधार पर जमानत प्रदान की है।
