✍️✍️ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म समेत सभी आरोपों से आरोपी बरी
वाराणसी की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित राज्य बनाम अनिल कुमार में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी अनिल कुमार को दुष्कर्म, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और जबरन वसूली सहित सभी आरोपों से बरी कर दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार-द्वितीय की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना उचित है। बता दे की आरोपी की ओर से अदालत में वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने पक्ष रखा।
यह मामला थाना लंका, वाराणसी में वर्ष 2022 में दर्ज मुकदमा से संबंधित है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी अनिल कुमार ने शादी का झूठा वादा कर, अपनी पहचान छिपाकर तथा अश्लील फोटो और वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करते हुए उसका यौन शोषण किया। साथ ही उसने पैसे वसूलने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 506, 406 और 384 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पीड़िता एक वयस्क और उच्च शिक्षित महिला है तथा बीएचयू में पीएचडी शोध छात्रा थी। न्यायालय के अनुसार, रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों के बीच लंबे समय तक संपर्क रहा, वे कई बार स्वेच्छा से होटलों में ठहरे, पहचान पत्र उपलब्ध कराए गए और बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन भी हुआ। अदालत ने माना कि इन परिस्थितियों में केवल विवाह के कथित झूठे वादे के आधार पर सहमति को अवैध नहीं माना जा सकता।
न्यायालय ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, मारपीट और धमकी के आरोपों के समर्थन में कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल चैट, अश्लील वीडियो या अन्य स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अतिरिक्त, घटना के काफी समय बाद एफआईआर दर्ज कराए जाने और लंबे समय तक शिकायत न किए जाने के पहलू को भी अदालत ने अपने निर्णय में महत्वपूर्ण माना।
सभी मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। आपराधिक न्यायशास्त्र के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया। साथ ही उसके बंधपत्र और जमानतें भी समाप्त करने का आदेश दिया गया।
