✍️✍️ अस्पताल संचालक को मिली जमानत, गैर इरादतन हत्या का मामला
वाराणसी। प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने के चलते प्रसूता की मौत हो जाने के मामले में आरोपित अस्पताल संचालक को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सप्तम) प्रवीण कुमार की अदालत ने चौबेपुर निवासी आरोपित अस्पताल संचालक महेंद्र यादव को 25 हजार रुपए का एक जमानतदार व बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार नेवादा, चौबेपुर निवासी मिथिलेश कुमार ने चौबेपुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि 2 अगस्त 2026 को उसने अपनी पत्नी कंचन कुमारी उम्र 22 वर्ष को रुस्तमपुर चौधरी नगर स्थित अभय क्लिनिक मैटरनिटी होम पर बच्चा डिलीवरी के लिए एडमिट किया था। जहां उपचार के दौरान ऑपरेशन से उसे जुड़वा बच्चे पैदा हुए। लेकिन इसी दौरान अस्पताल के संचालक महेंद्र यादव, सिजिरयन ऑपरेशन करने वाले डक्टर एवं वहां के नर्सिंग स्टाफ की बहुत ज्यादा लापरवाही एवं असावधानी से इलाज करने के कारण उसकी पत्नी कंचन की मृत्यु हो गई। मृत्यु होने के उपरांत हाइटेक हस्पिटल ले गए थे, लेकिन बाद में उसके पत्नी के शव को लाकर अभय क्लीनिक पर रखा है। तहरीर के आधार पर इस मामले में चौबेपुर पुलिस ने तीन अगस्त 2026 को अस्पताल संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में शनिवार को आरोपित अस्पताल संचालक महेंद्र यादव ने अपने अधिवक्ता के जरिए अदालत में आत्म समर्पण कर जमानत के लिए अर्जी दी थी। जिसे सुनवाई के बाद कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
