✍️✍️ बैंक ऑफ बड़ौदा धोखाधड़ी मामलों में एफआईआर दर्ज करने का अदालत का आदेश
वाराणसी। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी की अदालत ने बैंक ऑफ बड़ौदा की नीचीबाग शाखा से जुड़े दो अलग-अलग धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों में थाना चौक पुलिस को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर 15 दिनों के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। दोनों मामलों में बैंक अधिकारियों ने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
👉 पहले मामले में देवरिया निवासी त्रिगुना पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को पुलिस का सिपाही बताकर 27 दिसंबर 2023 को बैंक से 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने का आरोप है। बैंक के अनुसार आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र और गलत जन्मतिथि प्रस्तुत कर ऋण स्वीकृत कराया। ऋण की किस्तें जमा न होने और खाता एनपीए घोषित होने के बाद जांच में कथित फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसके आधार पर अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
👉 दूसरे मामले में बैंक के कुछ खाताधारकों के खातों से बिना एटीएम कार्ड अथवा अन्य तकनीकी माध्यम से धोखाधड़ी कर धन निकासी का मामला सामने आया। शिकायत के अनुसार 5 और 6 अप्रैल 2026 के बीच 19 अलग-अलग लेनदेन में करीब 1.89 लाख रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए। बैंक की शिकायत और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अदालत ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध परिलक्षित होने के कारण विधि के अनुसार एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराया जाना आवश्यक है। आदेश में उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का भी उल्लेख किया गया है।
