✍️✍️ धोखाधड़ी व गबन के मामले में मिली जमानत
वाराणसी। समूह की महिलाओं से धोखाधड़ी कर उनसे लाखों रुपये लेकर उनका लोन का किश्त जमा करने के बजाय गबन कर जाने के मामले में आरोपित को कोर्ट से राहत मिल गई। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने करमा, सोनभद्र निवासी आरोपित शिवम सिंह को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व चंद्रबली पटेल ने पक्ष रखा""
अभियोजन पक्ष के अनुसार स्पंदना स्पूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड कंपनी के चौबेपुर शाखा के प्रबंधक रोहित कुमार ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक के तहद पंजीकृत है। जो ग्रामीण महिलाओं को समूह में उनके छोटे-छोटे व्यवसाय करने के लिए लोन प्रदान करती है और साप्ताहिक किस्त के अनुसार पैसा कलेक्शन करती है। इस बीच चौबेपुर शाखा में जब महिला ग्राहकों की शिकायत आने लगी तो जाँच-पड़ताल करने पर उसने पाया कि चौबेपुर शाखा के दो कर्मचारियों द्वारा महिला ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर व उन्हें बहला-फुसलाकर कंपनी के नियम के विरुद्ध गलत तरीके से महिला ग्राहकों से पैसा कलेक्शन किया जा रहा है। जांच में यह भी पाया गया कि चौबेपुर शाखा के कर्मचारी राहुल कुमार यादव व शिवम सिंह गलत तरीके से महिला ग्राहकों से पैसा कलेक्शन कर रहे है। जिसमें चौबेपुर शाखा में कार्यरत कर्मचारी राहुल कुमार यादव ऋण अधिकारी के पद पर कार्यरत था, जिसने 1,27,665/- रूपये का गबन किया है। जिसमे से महिला समूह के लोन खाते में कुल 20760 जमा किये है, जबकि बाकी 1,06,905/- रूपए खुद गबन कर लिए है। वहीं चौबेपुर शाखा में ऋण अधिकारी के पद पर कार्यरत शिवम सिंह ने 3,83,637/- रुपये का गबन किया है, जिसने महिला समूह के लोन खाते में कुल 1,88,960/- रूपये जमा किये है और बाकी 1,94,677/- रुपए खुद गबन कर लिए है। लोन किश्त का कुल रूपया 3,01,565/- का गबन हुआ है। कंपनी के कई सहयोगी एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इन कर्मचारियो से फोन द्वारा संपर्क किया, ताकि वह कंपनी का पैसा लौटा सके, लेकिन इन कर्मचारियों ने पैसा देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद चौबेपुर पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कर शिवम सिंह को बीते 22 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
