✍️✍️ Student accused of fraud gets bail from court


✍️✍️ ठगी के आरोपी छात्र को कोर्ट से मिली जमानत

वाराणसी की जिला एवं सत्र अदालत ने ठगी के एक मामले में आरोपी छात्र मनन धवन को जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि की दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का आदेश दिया है। मनन धवन 15 जुलाई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था। 

""अदालत में आरोपी की ओर से फौजदारी अधिवक्ता लक्ष्मण कन्नौजिया व रविंद्र कुमार यादव ने पक्ष रखा""

अभियोजन के अनुसार, वादी मो. जावेद अख्तर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 मार्च 2026 को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को समीर धवन बताते हुए अयोध्या में निर्माणाधीन रिसोर्ट के लिए सीसीटीवी कैमरे और सैमसंग टीवी की मांग की। दोनों पक्षों के बीच 2,48,250 रुपये में सौदा तय हुआ।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि 26 मार्च 2026 को वादी ने सामान और बिल मनन धवन के ड्राइवर को सौंप दिया। भुगतान के लिए आरोपी की ओर से कोटक महिंद्रा बैंक का एक चेक दिया गया। अगले दिन 27 मार्च को आरोपी ने दोबारा फोन कर अतिरिक्त सामान की मांग की, जिसे वादी ने बस के माध्यम से भेज दिया। बाद में आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया और भुगतान के लिए दिया गया चेक बैंक से बाउंस हो गया। जांच में पता चला कि संबंधित बैंक खाता पिछले दो वर्षों से बंद था।

वादी का आरोप है कि मनन धवन और समीर धवन ने अन्य व्यापारियों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर करीब 3,00,500 रुपये की ठगी की है।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मनन धवन एक छात्र है और उसका इस कथित धोखाधड़ी से कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने का दावा किया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को जमानत मंजूर कर ली। हालांकि अदालत ने जमानत के साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं।

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