✍️✍️ Three Acquitted in a Gangster Act Case

 


✍️✍️गैंगस्टर एक्ट के मामले में 3 दोषमुक्त

वाराणसी। गैंगस्टर एक्ट के मामले मेंटिन आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुशील कुमार खरवार की अदालत ने नारायणपुर, लंका निवासी मुन्नू तिवारी, त्रिपुरा भैरवी, दशाश्वमेध निवासी महेश पुरोहित व हड़हा सराय चौक निवासी सानू उर्फ नाजिम को मुकदमे के विचारण के दौरान आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में आरोपित मुन्नू तिवारी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव ने पक्ष रखा। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ फरवरी 2008 को तत्कालीन लक्सा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह अपने सिपाहियों के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि क्षेत्र में बीते दिनों हुई पार्षद विजय वर्मा की हत्या के मामले आरोपित संतोष गुप्ता उर्फ कित्तुल, लालू वर्मा, सुरेंद्र पांडेय, सानू उर्फ नाजिम, महेश पुरोहित व मुन्नू तिवारी शातिर किस्म के अपराधी है। इन्होंने अपना एक गैंग बना लिया है। इस गैंग के लोग हत्या, हत्या का प्रयास, लूट समेत विभिन्न आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है और अपने व अपने गिरोह के सदस्यों के आर्थिक और भौतिक लाभ प्राप्त करते है। इनके खिलाफ वाराणसी, भदोही, चन्दौली समेत विभिन्न जनपदों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। जिसके बाद उपरोक्त आरोपितों के खिलाफ जिलाधिकारी की संस्तुति पर गैंगस्टर एक्ट के तहत लक्सा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। 

अदालत में विचारण के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि गैंगचार्ट में सिर्फ कुल दो मुकदमों का जिक्र किया गया है। जबकि वह इन मामलों में पहले ही दोषमुक्त हो चुका है। वहीं अदालत में आरोपितों के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जा सके। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के पश्चात अपने आदेश में कहा कि अभियोजन ऐसा कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा, जिससे आरोपितों के खिलाफ आरोप साबित हो सके। जिसके बाद अदालत ने तीनों आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।

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