✍️✍️ 3 years of rigorous imprisonment for the convict in molestation and POCSO Act case, court pronounces sentence


✍️✍️ छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को 3 वर्ष की कठोर कैद, अदालत ने सुनाई सजा

वाराणसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय संख्या-02 की अदालत ने वर्ष 2020 के छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायाधीश रचना सिंह की अदालत ने अभियुक्त आशीष उर्फ गोलू को भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत दोषसिद्ध पाया।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मधुकर उपाध्याय ने प्रभावी पैरवी की

अभियोजन के अनुसार, 7 अक्टूबर 2020 की रात लगभग 8:30 बजे जैतपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ब्यूटी पार्लर से घर लौट रही थी। आरोप है कि भरत मिलाप पार्क के पास आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की, लैंगिक हमला किया तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। 

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए धारा 354 आईपीसी के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 506 आईपीसी के तहत 1 वर्ष का कठोर कारावास तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 

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