✍️✍️ फर्जी वसीयत और करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप मे अग्रिम जमानत याचिका खारिज
वाराणसी। बहुचर्चित फर्जी वसीयत और करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के मामले में वाराणसी की अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-4) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी महेंद्र पश्तुरे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की प्रकृति को देखते हुए अभियुक्त की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत मे वादी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का घोर विरोध किया।
मामला थाना लालपुर-पांडेयपुर, वाराणसी में दर्ज मुकदमा एक अपराध से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 318(4), 336, 338, 305(ए) और 340(2) के तहत अभियोग दर्ज है। अभियोजन पक्ष एवं वादी विपिन कुमार पांडेय के अनुसार, आरोपी की पत्नी दीपिका पांडेय का 10 फरवरी 2025 को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। आरोप है कि इसके बाद नवजात शिशु के संरक्षण और मृतका की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अधिकार प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी एवं कूटरचित वसीयत तैयार की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने की मंशा से कथित रूप से वसीयत के गवाहों के फर्जी हस्ताक्षर तक कराए गए।
