✍️✍️ 5.58 लाख वादों का निस्तारण, 19.84 करोड़ रुपये की वसूली पर बनी सहमति
वाराणसी। वर्तमान वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से एमवी एक्ट के चालान पेमेंट सेतु ऐप के माध्यम से जमा करने तथा परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क की सहायता लेने की अपील की।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत ऐसा प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है, जिसके जरिए बिना समय गंवाए गंभीर से गंभीर मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया जा सकता है। उन्होंने बढ़ते पारिवारिक विवादों पर चिंता जताते हुए कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है। ऐसे में न्यायालय की भूमिका पारिवारिक समरसता बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। न्यायालय का उद्देश्य परिवारों को जोड़ना है, तोड़ना नहीं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय वाराणसी से 31,348 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 8,34,24,789.44 रुपये की वसूली हुई। वहीं प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा 5,27,293 वादों का निस्तारण करते हुए 11,50,36,210 रुपये की धनराशि की वसूली हेतु समझौता हुआ।
इस प्रकार न्यायालय एवं प्रशासन के सभी विभागों को मिलाकर कुल 5,58,641 वादों का निस्तारण किया गया और कुल 19,84,60,999.44 रुपये की वसूली हुई।
लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय द्वारा वैवाहिक विवादों का समझौते के आधार पर समाधान कराते हुए आठ दंपतियों को न्यायालय परिसर से साथ विदा किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अहमद हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी मोटर दावा अधिकरण रामकेश, बनारस बार अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, सेन्ट्रल बार अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (न्यायिक) आलोक कुमार, नोडल अधिकारी (प्रशासनिक) अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम अविनाश अग्रवाल, डीएलएसए के पूर्णकालिक सचिव राजीव मुकुल पाण्डेय, यूनियन बैंक के जीएम बी.एन. सिंह सहित न्यायिक अधिकारी एवं बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।
