✍️✍️ हिंदू नाम बताकर युवती को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, धर्म परिवर्तन के दबाव मामले में आरोपी की जमानत खारिज
वाराणसी। हिंदू नाम और पहचान बताकर युवती को कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाने, विवाह के बाद शारीरिक संबंध बनाने, प्रताड़ित करने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के मामले में वाराणसी की विशेष एससी/एसटी अदालत ने आरोपी मिद्दू अंसारी उर्फ मो. कैफ उर्फ दीपक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत मे पीड़िता की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध फौजदारी अधिवक्तागण श्याम सुंदर चौरसिया व किशन चौबे ने किया।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर स्वयं को दीपक कुमार नाम से हिंदू बताया और युवती से विवाह किया। आरोप है कि बाद में उसकी वास्तविक पहचान सामने आने पर युवती को प्रताड़ित किया गया। उसके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के भी आरोप लगाए गए हैं। मामले में आरोपी पर दुष्कर्म और अन्य आपराधिक कृत्यों में संलिप्तता का आरोप है।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट, वाराणसी के अपर सत्र न्यायाधीश सर्वेजीत कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों तथा अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार किया।
अदालत ने मामले में लगाए गए आरोपों की प्रकृति, अपराध की गंभीरता और उपलब्ध सामग्री को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं माना। इसके बाद अदालत ने मिद्दू अंसारी उर्फ मो. कैफ उर्फ दीपक कुमार की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
