✍️✍️ नारायण ज्वेलर्स के पिता-पुत्र को मिली अग्रिम जमानत
वाराणसी। सत्र न्यायालय ने व्यापारिक लेन-देन और बकाया भुगतान से जुड़े एक चर्चित मामले में राहत देते हुए रेशम कटरा स्थित नारायण ज्वेलर्स के संचालक दीप नारायण सेठ और सह-मालिक सूरज सेठ की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। बता दे की अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्तागण रूप कुंवर सेठ व गौरांग बाजपेयी ने पक्ष रखा।
मामला थाना चौक में दर्ज एक गंभीर अपराध से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आजाद गुप्ता, जो ठठेरी बाजार स्थित श्री राधाकृष्ण अर्नामेन्ट्स के संचालक हैं, ने थाना चौक मे एक मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायत के अनुसार, नारायण ज्वेलर्स कई वर्षों से उनके प्रतिष्ठान से व्यापार कर रहा था। आरोप है कि अप्रैल 2025 में व्यापारिक संबंध समाप्त कर दिए गए और लगभग 146 ग्राम 18 कैरेट सोना वापस नहीं किया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि 20 नवंबर 2025 को बकाया राशि और माल की मांग करने पहुंचे कर्मचारी योगेन्द्र के साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
अदालत में दीप नारायण सेठ और सूरज सेठ की ओर से विद्वान अधिवक्तागण ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच वर्षों से व्यापारिक संबंध रहे हैं और यह मामला पूरी तरह व्यापारिक लेन-देन से जुड़ा दीवानी (सिविल) विवाद है, जिसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपराधिक स्वरूप दिया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए आभूषणों की गुणवत्ता की जांच की जाती थी और मानक के अनुरूप न होने पर माल वापस कर दिया जाता था। उनका आरोप था कि शिकायतकर्ता ने लेन-देन का समुचित हिसाब-किताब नहीं रखा।
न्यायालय ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों पर अंतिम टिप्पणी किए बिना अदालत ने दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
