✍️✍️ Politics heats up after sand and cement are found in sewer; SP demands magisterial inquiry


✍️✍️ सीवर में बालू-सीमेंट मिलने पर गरमाई राजनीति, सपा ने मांगी मजिस्ट्रेट जांच

 ""'ज्ञापन सौंपकर सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग, जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी""

वाराणसी। शहर की सीवर लाइनों की सफाई के दौरान भारी मात्रा में बालू की बोरियां, सीमेंट, पत्थर, लकड़ी का बुरादा और अन्य अवरोधक सामग्री मिलने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं अधिवक्ता राजू यादव ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की तत्काल मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की है।

सपा नेता ने आरोप लगाया कि सीवर में इस तरह की सामग्री मिलना महज सामान्य जाम की समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि संबंधित क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीवर में सामग्री कब, किसके द्वारा और किस उद्देश्य से डाली गई।

ज्ञापन में कहा गया कि सीवर व्यवस्था प्रभावित होने से शहर के कई हिस्सों में जलभराव, गंदे पानी, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। काशी जैसे धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में सीवर व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

सपा ने नगर निगम और जलकल विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही ठेकेदारों की भूमिका की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में सीवर की सफाई, रखरखाव और निर्माण कार्यों में संभावित लापरवाही अथवा मिलीभगत की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र निष्पक्ष और पारदर्शी जांच शुरू नहीं की गई तो पार्टी जनहित में जनता को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन और व्यापक जनआंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि सीवर व्यवस्था से जुड़े इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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