✍️✍️ मैनेजर का अपहरण कर डकैती करने और रंगदारी मांगने के मामले में मिली जमानत
वाराणसी। संस्था में कार्यरत मैनेजर को बंधक बनाकर उससे डकैती करने और घर वालों से फिरौती मांगने के मामले में दो आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अपर जिला जज (प्रथम) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने सुसुवाही, चितईपुर निवासी आरोपित रविशंकर कुमार व सुधीर कुमार यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा राजकुमार सिंह ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसका पुत्र सम्राट सिंह पिछले लगभग 7 महीने से निलांचल जगन्नाथ सेवा एलपीटी, दुर्गाकुंड में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। अचानक 06 सितंबर 2026 को 09:30 बजे पुत्र के मोबाइल से फोन आया, वह काफी घबराया हुआ लग रहा था और कहने लगा कि पापा हमें बचा लो नहीं तो ये लोग मार डालेंगे और कहने लगा कि 5 लाख 50 हजार रूपये लेकर तुरन्त चले आओं। जब प्रार्थी ने कारण पूछा तो फोन कट गया। प्रार्थी की पत्नी ने जब फोन मिलाया तो सम्राट के मालिक धवल पटेल ने फोन उठाया और कहा कि लड़का काम में कुछ पैसे की हेरा-फेरी किया है, तुरन्त पैसा भेजो, जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक लड़का नही मिलेगा और फोन काट दिया। घबराहट मे प्रार्थी और उसकी पत्नी आनन-फानन बस पकड़कर अपने साथ अपने मकान की रजिस्ट्री की मूल प्रति लेकर बनारस गये। जब हम लोग सुबह वहाँ पहुँचे तो होटल हरे कृष्णा में प्राथी का पुत्र कहीं बन्द कर रखा गया था और उनसे मिलने नहीं दिया गया। लगभग 12 बजे मिलवाया, तो देखा कि उसके पुत्र के सिर से खून बह रहा था और पीठ और हाथ-पैर पर शरीर मे सब जगह चोट के निशान थे। जब हमने बच्चे को ले जाने की कोशिश की तो वहाँ पर मौजूद लोग धवल पटेल, सुधीर यादव, समीर खान, रविशंकर कुमार, कुलशेखर पाण्डेय आदि ने सम्राट को पकड़ लिया और थप्पड़ मारने लगे हमसे कहने लगे कि तुम्हारे पुत्र ने ग्राहको का पैसा अपने खाते में लिया है। उन लोगो ने प्रार्थी एवं पार्थी की पत्नी का मोबाइल जमा करा लिया और रिश्तेदारों को फोन कर पैसा मंगाने का दबाव बनाया। इसके बाद 07 सितंबर 2026 को शाम लगभग 08.30 बजे प्रार्थी की पत्नी के गहने, चेन, अंगूठी, झुमका, पायल छीन लिया और किसी को बुलाकर एक लाख रूपये में झुमका बेच दिया। वे लोग प्रार्थी उसकी पत्नी व पुत्र को मारना चाहते थे। फिर उसी रात लगभग 12:00 बजे वे लोग प्रार्थो को लेकर अपने चार पहिया से प्रार्थी के लखनऊ स्थित मकान आये, जहाँ से उनके दबाव पर प्रार्थी ने उनको एक-एक लाख की चार चेक और 40 हजार की एक चेक दिया। उसके बाद लगभग 09 बजे 08 सितंबर 2026 को उन लोगो ने प्रार्थी के घर का वीडियो बनाया और प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गाँव ग्राम बढ़नी पोस्ट पणवासी, थाना लीलापुर जिला प्रतापगढ़ ले गये और पार्थी के घर व जमीन का वीडियो बनाया। शाम लगभग 04 बजे वे लोग प्रार्थी को बनारस लेकर पहुंचे। इसी दौरान सोची-समझी योजना के तहत प्रार्थी के पुत्र से एक मनगढन्त स्टाम्प पर पर हस्ताक्षर करवाया। प्रार्थी के मकान की मूल रजिस्ट्री एवं प्रार्थी के पुत्र को मोबाइल को सिम सहित रख लिये। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
