✍️✍️ BHU Students' Union Election 1997 Violence Case: Rajesh Rai 'Dallu' and Manoj Singh 'Kaka' Get Anticipatory Bail

 


✍️✍️ बीएचयू छात्रसंघ चुनाव 1997 हिंसा मामला: राजेश राय ‘डल्लू’ और मनोज सिंह ‘काका’ को अग्रिम जमानत

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चर्चित छात्रसंघ चुनाव वर्ष 1997 के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में वाराणसी की अदालत ने नामजद अभियुक्त राजेश कुमार राय उर्फ ‘डल्लू’ और मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज सिंह ‘काका’ को बड़ी कानूनी राहत दी है। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-01, वाराणसी की अदालत ने दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत मे बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्तागण शशांक शेखर त्रिपाठी, राजेश त्रिवेदी एवं आशुतोष शुक्ला ने प्रभावी पैरवी की। 

20 फरवरी 1997 की घटना से जुड़ा है मामला

अभियोजन के अनुसार, 20 फरवरी 1997 को बीएचयू के एम्फी थियेटर ग्राउंड स्थित क्रीड़ा भवन के प्रथम तल पर छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों का परिचय समारोह आयोजित किया गया था। आरोप है कि नामांकन निरस्त होने के बावजूद कुछ छात्र नेताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थक सभा स्थल पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की की।

अभियोजन पक्ष ने घटना के दौरान कुर्सियां फेंके जाने, ईंट-पत्थर चलाए जाने तथा विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप लगाए थे। मामले में टेलीफोन एक्सचेंज, पोस्ट ऑफिस टिकट काउंटर और एक बस में आग लगाए जाने की बात भी अभियोजन की ओर से कही गई थी। घटना के संबंध में थाना लंका में मुकदमा विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पत्रावली, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों पर विचार किया। अदालत के समक्ष यह तथ्य भी रखा गया कि इसी मामले के सह-अभियुक्त उमेश कुमार सिंह, अरविन्द कुमार शुक्ल, अरविन्द तिवारी और कुंदन सिंह को पूर्व में अग्रिम जमानत का लाभ मिल चुका है।

इसके अलावा विवेचना के दौरान अभियुक्तों की गिरफ्तारी किए बिना आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किए जाने के तथ्य को भी अदालत ने संज्ञान में लिया।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव ने राजेश कुमार राय उर्फ ‘डल्लू’ और मनोज कुमार सिंह उर्फ ‘काका’ की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

अदालत ने निर्देश दिया कि प्रत्येक अभियुक्त एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने पर, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाएगा।

अदालत ने अग्रिम जमानत देते हुए अभियुक्तों पर विभिन्न शर्तें भी लगाई हैं। उन्हें विचारण के दौरान न्यायालय की कार्यवाही में सहयोग करना होगा। किसी गवाह को डराने-धमकाने या प्रभावित करने का प्रयास नहीं करना होगा। न्यायालय की अनुमति के बिना देश से बाहर जाने पर भी रोक रहेगी। साथ ही, नियत तिथि पर अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष स्वयं उपस्थित होना होगा।

इस आदेश के साथ करीब तीन दशक पुराने बीएचयू छात्रसंघ चुनाव से जुड़े इस मामले में राजेश राय ‘डल्लू’ और मनोज सिंह ‘काका’ को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।

Post a Comment

Previous Post Next Post