✍️✍️ Voices of opposition raised and objections filed against reserving the 'Joint Secretary Administration' post for women.

 


✍️✍️  'संयुक्त मंत्री प्रशासन' पद को महिला आरक्षित किए जाने के विरोध में उड़े स्वर, दी गई आपत्ति

वाराणसी:

दी सेंट्रल बार एसोसिएशन, बनारस (वाराणसी) के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में 'संयुक्त मंत्री प्रशासन' पद को महिला आरक्षित किए जाने के निर्णय सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वकीलों के एक वर्ग में रोष देखने को मिल रहा है। एसोसिएशन के सदस्य एवं इस पद के प्रत्याशी आयुष चंद्र राजपूत ने अध्यक्ष व महामंत्री को पत्र सौंपकर इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है और पद को आरक्षण मुक्त करने की मांग की है।

प्रत्याशियों की लंबी तैयारी पर पानी फिरने का अंदेशा

शिकायतकर्ता आयुष चंद्र राजपूत का कहना है कि वे और अन्य कई प्रत्याशी पिछले लगभग एक वर्ष या उससे अधिक समय से इस पद के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे और अधिवक्ताओं के बीच संपर्क व प्रचार-प्रसार में जुटे थे। अचानक चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस पद को महिला आरक्षित घोषित किए जाने से वे सभी अत्यंत हतप्रभ और परेशान हैं। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक हुए इस बदलाव से उनकी लंबी तैयारी और मेहनत निष्फल हो गई है।

एसोसिएशन के अन्य पद पर आरक्षण की मांग

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वे महिला अधिवक्ताओं के सम्मान और प्रतिनिधित्व के पूर्ण पक्ष में हैं। हालांकि, उनका यह भी तर्क है कि यदि महिला आरक्षण का प्रावधान करना आवश्यक ही है, तो एसोसिएशन के किसी अन्य पद को इसके लिए आरक्षित किया जाए। इससे पूर्व से इस पद की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों के साथ न्याय हो सकेगा और सभी को चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर प्राप्त होगा।

पत्र के अंत में मांग की गई है कि 'संयुक्त मंत्री प्रशासन' पद को सामान्य/आरक्षण मुक्त रखा जाए तथा महिला आरक्षण के लिए किसी अन्य उपयुक्त पद पर विचार किया जाए। इस ज्ञापन पर आयुष चंद्र राजपूत के साथ-साथ कई अन्य अधिवक्ताओं के भी हस्ताक्षर व समर्थन मौजूद हैं।

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