Accused's bail rejected in charges of sexually exploiting a young woman under the false promise of marriage and abetting her suicide


✍️✍️ शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, अभियुक्त की जमानत खारिज

""गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने और मोबाइल से साक्ष्य मिटाने का भी आरोप; अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया आदेश""

वाराणसी। शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने, जबरन गर्भपात कराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में अभियुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( द्रुतगामी प्रथम) कुलदीप सिंह-II की अदालत ने अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अदालत मे जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध सहायक जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मनोज गुप्ता व पीड़िता की तेज तर्रार अधिवक्ता निधि श्रीवास्तव एव सहयोगी अधिवक्तागण आनंद सिंह व लक्ष्मी सिंह ने किया। 


अभियोजन के अनुसार, पीड़िता मधु शर्मा और अभियुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह कैशपोर माइक्रो क्रेडिट संस्था में साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई। आरोप है कि अभियुक्त ने पीड़िता को शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि गर्भवती होने पर अभियुक्त ने जबरन दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद भी शादी का आश्वासन देकर उसका शारीरिक शोषण जारी रखा।

प्राथमिकी के मुताबिक, 29 मई 2025 को टीकमगढ़ स्थित एक होटल में भी अभियुक्त ने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में शादी करने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अभियुक्त की मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 13 जुलाई 2025 को आत्महत्या का प्रयास किया था।

पीड़िता का आरोप है कि आत्महत्या के प्रयास वाले दिन अभियुक्त ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसमें मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉर्मेट कर मिटा दिए। इसके अलावा अभियुक्त के मित्र शुभम तिवारी पर पीड़िता और उसके रिश्तेदारों को फोन पर धमकी देने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है।

जमानत प्रार्थना पत्र का अभियोजन पक्ष ने विरोध करते हुए आरोपों की गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को अदालत के समक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह-II ने अभियुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह की प्रथम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

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