✍️✍️ संपत्ति विवाद में 'कान काटने' का आरोप: अदालत ने आरोपी को दी जमानत
जनपद वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत छितुपुर में दो चचेरे भाइयों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मुख्य आरोपी निखिल कुमार शर्मा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) विनोद कुमार-VI की अदालत ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपी की रिहाई का आदेश जारी किया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुन्दर चौरसिया व विश्वास सिंह ने पक्ष रखा""
वारदात का बैकग्राउंड: रंजिश और खूनी झड़प
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे छितुपुर में विवाद तब शुरू हुआ जब छत पर कपड़े फैलाते समय पानी की कुछ छींटें नीचे गिर गईं। देखते ही देखते मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। वादी पक्ष का आरोप था कि निखिल शर्मा ने अपने चचेरे भाई को पकड़कर उसके बाएं कान को दांतों से काटकर अलग कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद उसके सीने पर ईंट से प्रहार किया।
बचाव पक्ष के तर्क: 'क्रॉस केस' ने बदली तस्वीर
सुनवाई के दौरान आरोपी के विद्वान अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष प्रभावशाली दलीलें पेश कीं, उन्होंने तर्क दिया कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से संपत्ति के बंटवारे को लेकर दीवानी मुकदमा चल रहा है। यह एक 'क्रॉस केस' है। आरोपी के पिता अशोक शर्मा ने भी विपक्षी पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसमें आरोपी की मां को भी गंभीर चोटें आई हैं। यह भी कहा कि वादी को आई चोटें साधारण प्रकृति की हैं और वह सीढ़ियों से गिरने के कारण आई हो सकती हैं, न कि जानलेवा हमले से।

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